नई दिल्ली, फरवरी 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि भूमि अधिग्रहण के लिए दिए गए मुआवजे के खिलाफ दायर अपीलों पर समय-सीमा कानून की रोक नहीं। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ऐसी याचिकाएं दायर करने में हुई देरी को अनदेखा कर सकता है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एस.सी. शर्मा की पीठ ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 की धारा-74 को धारा 103 के साथ पढ़ने और परिसीमा अधिनियम, 1963 के प्रावधानों के बीच परस्पर संबंध का निर्णय करते हुए इस पेचीदा कानूनी प्रश्न का उत्तर दिया। पीठ ने यह फैसला दिया कि जिन भूमि अधिग्रहण मामलों की शुरुआत पुराने 1894 के कानून के तहत हुई थी, लेकिन एक जनवरी 2014 को नया कानून लागू होने से पहले जिनमें मुआवजे का कोई निर्णय नहीं हुआ था, उन मामलों में मुआवजा 2013 के नए कानून के...