नई दिल्ली, जून 3 -- इस्लामिक संस्था जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष इंजीनियर मोहम्मद सलीम ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे समेत कई हिंदू संगठनों द्वारा पर्यावरण की रक्षा के लिए वर्चुअल बकरीद मनाने की सलाह को बेवकूफी भरी बात बताया है। उनका कहना है कि यह कुर्बानी का त्योहार है और इसका जो तरीका है, उसी के अनुसार इसको मनाया जाना चाहिए। सलीम ने कहा कि पिछले 10-11 सालों से बकरीद के मौके पर इस तरह की बातें होने लगी हैं, जिसके पीछे कहीं ना कहीं मुसलमानों के प्रति नफरत का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि ईद के दिन एक खास नीयत से जानवर को जिबह (मारकर) करके उसको गरीबों में, जरूरतमंदों में, पड़ोसियों में, रिश्तेदारों में बांटा जाता है। इसमें कुर्बानी की भावना शामिल है। इसके साथ ही इस्लामिक लीडर ने देश के मुसलमानों से भी अन्य धर्मों के लोगों की भाव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.