नई दिल्ली, फरवरी 4 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरपी बेनिवाल का कहना है कि तकनीक के इस युग में बच्चों में इंटरनेट और मोबाइल की लत तेजी से बढ़ रही है। यह खतरनाक स्तर पर पहुंचने लगी है। गाजियाबाद में तीन बच्चियों के गेम के लिए 9वीं मंजिल से कूदने की घटना पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर बच्चे के हाथ में मोबाइल है। डेढ़-दो साल की आयु से ही परिजन उन्हें मोबाइल दे देते हैं। इसका नतीजा है कि किशोर अवस्था में पहुंचते-पहुंचते उन्हें इसकी लत लग जाती है और इसके बाद अभिभावकों के चाहने पर भी यह लत नहीं छूटती। अभिभावकों को चाहिए कि मोबाइल को सिर्फ कम्यूनिकेशन के साधन की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। अगर बच्चों को पढ़ाई के लिए इंटरनेट की जरूरत है तो उसे कंप्यूटर उपलब्ध कराएं या उनकी मोबाइ...
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