मुजफ्फरपुर, अगस्त 7 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। नीतीश्वर महाविद्यालय मुजफ्फरपुर में हिन्दी एवं उर्दू विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में 'उर्दू-हिंदी और प्रेमचंद की साझी विरासत विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि बीआरएबीयू हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राकेश रंजन एवं डॉ. सुशांत कुमार तथा बीआरएबीयू उर्दू विभाग से डॉ. हामिद अली खां एवं एमडीडीएम कॉलेज के उर्दू विभाग से डॉ. मोबश्शिरा सदफ उपस्थित थे। डॉ. हामिद अली खां ने प्रेमचंद के पत्रों के हवाले से कहा कि प्रेमचंद सिर्फ एक कथाकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक इतिहासकार भी हैं। समाज की नब्ज पकड़ने की कला उनकी खूबी है। डॉ. सुशांत कुमार ने कहा कि प्रेमचंद जिन मूल्यों की स्थापना अपनी रचनाओं से करते हैं, उन्हें ठीक से समझने के लिए...
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