अल्मोड़ा, अप्रैल 20 -- पारंपरिक फसलों के संरक्षण के लिए कार्य करने की जरूरत है। फसलों और अनाजों को चिह्नित करने उनकी सूची बनाने की जरूरत है। ताकि उनका सरंक्षण किया जा सके। यह बात रविवार को दो दिवसीय सेमिनार के समापन पर वक्ताओं ने कही। रविवार को वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से 'कंजर्वेशन ऑफ ट्रेडिशनल क्रॉप्स इन हिमालयन रीजन विद स्पेश रिफेरेंश टू सेरेल्स एंड मिलेट्स विषय पर हुए सेमिनार का समापन हुआ। मानसखंड विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक व आईसीएफआरई शिमला के पूर्व निदेशक डॉ. एसएस सामंत ने कहा कि पलायन के कारण खेती कम हो रही है। पारंपरिक फसलों का उत्पादन कर स्वरोजगार करने की जरूरत है। साथ ही कहा कि पारंपरिक फसलों और अनाजों को चिह्नित कर सूची बनाई जाय। उन्होंने शोधार्थियों को पारंपरिक फसलों के संरक्षण के लिए विभिन्न संस्थानों का विजिट करने के लिए...
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