नई दिल्ली, फरवरी 23 -- केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट-पीजी 2025-26 की कटऑफ पर्सेंटाइल कम किए जाने से डॉक्टरों की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होगी क्योंकि वे उम्मीदवार पहले से ही एमबीबीएस डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। केंद्र ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ऑफ मेडिकल साइंसेंज (एनबीईएमएस) द्वारा पर्सेंटाइल कम किए जाने का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि यह फैसला खाली सीटों को भरने के लिए लिया गया है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि वह इस बात की जांच करेगा कि नीट-पीजी 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में भारी कमी से पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा या नहीं। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि हालांकि केंद्र का यह कहना सही है कि नीट पीजी एमबीबीएस म...