नई दिल्ली, फरवरी 2 -- पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने स्पष्ट किया कि कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और दो अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ दोषसिद्धि का फैसला करने वाले जज ही उनकी सजा पर जिरह सुनेंगे, भले ही उनका तबादला हो चुका हो। अदालत ने कहा कि आपराधिक मामलों में सजा का आदेश पारित होने के बाद ही दोषसिद्धि का निर्णय पूरा माना जाता है। विशेष जज प्रशांत शर्मा की अदालत ने सोमवार को कहा कि मामले में सजा पर बहस विशेष जज चंदरजीत सिंह की अदालत द्वारा ही सुनी जानी चाहिए। उनका नवंबर 2025 में एनआईए कोर्ट से कड़कड़डूमा कोर्ट में तबादला कर दिया गया था, लेकिन फैसला सुरक्षित होने के कारण वह केस फाइल अपने साथ ले गए थे। उन्होंने ही 14 जनवरी को आसिया अंद्राबी व अन्य को दोषी ठहराया था। अदालत ने कहा कि यदि दोषसिद्धि का फैसला तबादले से पहले पारित हो...
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