नई दिल्ली, फरवरी 20 -- बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने शुक्रवार को हाल के दिनों में एक 'प्रवृत्ति' पर चिंता जताई। जहां महिलाएं अपने पति और परिवार के सदस्यों के खिलाफ शादी के केस 'दबाव बनाने की रणनीति' के रूप में शुरू कर रही हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने कहा कि आईपीसी की धारा 498-ए के प्रावधानों का आजकल दुरुपयोग किया जा रहा है और तुच्छ मुद्दों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। एकल पीठ ने वर्धा पुलिस द्वारा एक व्यक्ति, उसके माता-पिता और रिश्तेदारों के खिलाफ उसकी अलग रह रही पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला अपने पूर्व पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप को साबित नहीं कर पाई है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आजकल अधिकांश वैवाहिक मामले ...