काशीपुर, जनवरी 24 -- काशीपुर, संवाददाता। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित अविन्या 2.0 सम्मेलन में नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सतत प्रभाव जैसे विषयों पर गंभीर मंथन किया गया। शनिवार को हुए इस सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने तकनीक के मानवीय और जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में आईआईएम के डीन (डेवलपमेंट) प्रो. कुणाल गांगुली ने कहा कि नवाचार को केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नेतृत्व की महत्वपूर्ण क्षमता के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों को ऐसे नेता तैयार करने होंगे जो बदलाव का मार्गदर्शन कर सकें। आईआईटी रुड़की के डिज़ाइन विभाग के संयुक्त संकाय सदस्य प्रो. सप्तर्षि कोलाय ने कहा कि डिज़ाइन हमेशा उद्देश्य और प्रभाव के बीच की कड़ी रहा है। उन्होंने बताया कि पुनर्जागरण...
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