नई दिल्ली, जनवरी 24 -- केरल हाईकोर्ट ने फिजियोथेरेपिस्ट और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट द्वारा 'डॉक्टर' के प्रयोग के खिलाफ चिकित्सा पेशेवरों द्वारा दायर याचिकाएं खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) अधिनियम एमबीबीएस स्नातकों द्वारा इस उपसर्ग के उपयोग का प्रावधान नहीं करता है। न्यायमूर्ति वी. जी. अरुण ने कहा कि 'डॉक्टर' शब्द का प्रयोग शुरू में ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता था जिसने शिक्षा का उच्चतम स्तर प्राप्त कर लिया हो और धर्मशास्त्र, कानून और दर्शन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाने का लाइसेंस प्राप्त किया हो। अदालत ने कहा कि डॉक्टर शब्द का मूल अर्थ एक ऐसा विद्वान व्यक्ति था जो पढ़ाने के लिए योग्य हो, लेकिन धीरे-धीरे, चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के साथ, विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित डॉक्टरों, चिकित्सा में डिग्री धारकों को डॉक्टर कह...
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