नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का रूप धारण करने वाली डीपफेक सामग्री का प्रसार उनके व्यक्तित्व व प्रचार अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने कहा कि प्रतिवादी एवं एक अज्ञात व्यक्ति (जॉन डो), वादी के नाम, आवाज, चेहरे के भाव, व्यक्तित्व व समानता का उपयोग करके अनधिकृत रूप से डीपफेक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। इससे जनता को गुमराह किया जा रहा है। इससे रविशंकर की अपूरणीय क्षति हुई है। यह टिप्पणी रविशंकर द्वारा दायर एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें सोशल मीडिया व स्वतंत्र वेबसाइटों पर मनगढ़ंत वीडियो के प्रसार पर स्थायी रोक लगाने की मांग की गई थी। पीठ ने मामले की तात्कालिकता को देखते हुए एक पक्षीय अंतरिम रोक लगा दी। इस रोक के तहत अज्ञात प्रतिवादियों...
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