रांची, नवम्बर 5 -- रांची। स्वतंत्रता सेनानी पूरनचंद विचार मंच, झारखंड की ओर से बुधवार को सरस्वती एकेडमी, बोड़ेया में पूरनचंद की शताब्दी जयंती मनाई गई। अध्यक्षता अधिवक्ता डॉ. रविंद्र कुमार ने की। उन्होंने कहा कि 'झारखंड के गांधी' कहे जाने वाले पूरनचंद आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। पूरनचंद का जन्म 1925 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन डाल्टनगंज में हुआ था। गांधीजी के संपर्क में आने के बाद मात्र 15 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए और कई बार जेल गए। बसंत सिंह, जय नाथ साहू, रेजिस रुंडा, रोहन ठाकुर, अनूप कुमार, प्रिंस कुमार, पवन साहू सहित कई लोग उपस्थित थे।
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