वाराणसी, फरवरी 18 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के भूविज्ञान विभाग में बुधवार को समुद्र के विविध पहलुओं पर मंथन के लिए दो दिनी राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने समुद्री स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में समुद्री विज्ञान की भूमिका पर चर्चा की। कार्यशाला इनसा इंटरनेशनल साइंस काउंसिल कमेटी फॉर ओशेनिक रिसर्च की तरफ से आयोजित है। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि भारत ने विकासशील राष्ट्र होने के बावजूद अंतरिक्ष, महासागर एवं उप-परमाणविक भौतिकी जैसे क्षेत्रों में मूलभूत वैज्ञानिक अनुसंधान को प्राथमिकता दी है, क्योंकि राष्ट्रीय प्रगति दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ही संभव है। इनसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मनमोहन सरीन ने वैश्विक समुद्र विज्ञान अनुसंधान में भारत की बढ़ती भूमिका...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.