अल्मोड़ा, फरवरी 19 -- रानीखेत। ऐरोली और किलकोट की कृषि भूमि पर मौजूद चीड़ के पेड़ों के निस्तारण की मांग मुखर होने लगी है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कृषि भूमि पर उगे चीड़ के पेड़ों के चलते खेती किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है। उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश आर्या ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रशासन को पत्र भी भेजा है और सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में भी उठाया है। कहना है कि चीड़ के पेड़ों से किसानों को दिक्कतें हैं। पेड़ों की अधिकता से भूमि की उर्वरता और उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है।

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