वाराणसी, फरवरी 20 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। काशी एक बार फिर भावनात्मक उत्सव रंगभरी (अमला) एकादशी की तैयारी में जुट गई है। 27 फरवरी को होने वाले माता गौरा के गौने को लेकर टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास 'गौरा-सदनिका' में तैयारियां जोरों पर हैं। शताब्दियों पुरानी पालकी और रजत शिवाला की साफ-सफाई और मरम्मत शुरू हो चुकी है। रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ, माता पार्वती और प्रथमेश की चल प्रतिमाओं की पालकी यात्रा निकलेगी। महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह की रस्म के बाद महंत आवास 'गौरा-सदनिका' में परिवर्तित हो जाता है। आंगन में हल्दी की सुवास, मंगल गीतों की गूंज और शृंगार की चहल-पहल ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया है। पूर्व महंत के पुत्र वाचस्पति तिवारी ने बताया कि 24 फरवरी मंगलवार से चार दिवसीय लोकाचार का शुभारंभ माता गौरा के तेल-हल्दी अनुष्ठान से ह...