नई दिल्ली, फरवरी 10 -- सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिला पति की सहमति के बगैर 'खुला' का इस्तेमाल कर शादी खत्म कर सकती है या नहीं?' शीर्ष अदालत ने केरल हाईकोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने वाली अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। फैसले में मुस्लिम महिला को पति की सहमति के बगैर 'खुला' का इस्तेमाल करने और शादी खत्म करने का अधिकार बरकरार रखा गया था। जस्टिस संजय कुमार और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल, 2026 तय करते हुए कहा कि इसमें विस्तार से सुनवाई की जरूरत है। पीठ ने कहा कि चूंकि यह मामला मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़ा है, इसलिए हम इस मामले में अदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम को न्याय मित्र नियुक्त किया है। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम से इस मामले में अदालत की मदद करने का आग्रह किय...
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