कौशाम्बी, अगस्त 9 -- मंझनपुर, संवाददाता। नियति रचयिता की मार या फिर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कोख सूनी रहने पर भी अब दोआबा में यशोदाओं का आंगन नन्हें-मुन्हों की किलकारी से गूंजेगा। यह कहना अधिक उत्तम रहेगा कि नि: संतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति आसानी से हो सकेगी, वह भी अधिकृत तौर पर। ऐसा जनपद में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना हो जाने की वजह से संभव हुआ है। माना जा रहा है कि यह इकाई कई दंपतियों के लिए वरदान साबित होगी। उनका बुढ़ापे की लाठी हासिल करने का अधूरा ख्वाब पूरा होगा। दोआबा में अभी तक राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना नहीं हुई थी। जबकि, यहां भी तमाम दंपती नि: संतान होने का दंश झेल रहे हैं। इन दंपतियों को अभी तक अधिकृत तरीके से संतान हासिल करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था। महिला कल्याण विभाग की साइट पर ऑन...
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