प्रयागराज, मई 8 -- प्रयागराज। देश ने पहलगाम में हमले का बदला ले लिया। ऑपरेशन सिंदूर महिलाओं का वह सिंदूर तो वापस नहीं ला सकता लेकिन यह बदला जख्मों को राहत जरूर देगाा। 27 साल पहले कारगिल युद्ध में मैंने भी अपना सुहाग खोया था। पति शहीद शिवपूजन द्विवेदी सात आतंकवादियों को मार कर वतन के लिए बलिदान हो गए थे। आज भी मन करता है कि बंदूक लेकर सीमा पर दरिंदों से जाकर बदला लूं। यह कहना है कैंट की रहने वाली वीर नारी राधा द्विवेदी की जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को नारी शक्ति की जीत बताया। अग्निपथ कॉलोनी की रहने वाली वीर नारी नीलम प्रसाद पाल ने कहा कि मैं भी उस खौफनाक मंजर से गुजर चुकी हूं, जैसी पहलगाम में हुए हमले में बहनों के साथ हुआ था। 1998 में पति आईएएस दशरथ प्रसाद मणिपुर में आतंकियों के हमले में शहीद हो गए थे। उस समय उनकी तैनाती मणिपुर में थी और वहां...
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