प्रयागराज, जनवरी 24 -- प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय छठी अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला 'जेनरेटिव एआई एवं मानव-रोबोट अंतःक्रिया' का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य मानव-केंद्रित तकनीकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका को समझना और उसके सामाजिक, औद्योगिक व स्वास्थ्य क्षेत्रों में उपयोग पर मंथन करना है। कार्यशाला के उद्घाटन करते हुए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. आलोक मिश्र ने कहा कि एआई आधारित तकनीकें अब अधिक सटीक, समयबद्ध और व्यक्तिगत चिकित्सा को संभव बना रही हैं। रोबोट-सहायित एंडोस्कोपी, एआई-संचालित मेडिकल इमेजिंग और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स प्रारंभिक रोग-पता लगाने और उपचार को नई दिशा दे रहे हैं। डॉ. मिश्र के अनुसार जेनरेटिव एआई मॉडल चिकित्सकों के लिए भरोसेमंद सहायक बन रहे हैं, जिससे मा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.