नई दिल्ली, जनवरी 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करें कि निजी स्कूल ईडब्लयूएस और वंचित वर्गों के छात्रों के दाखिले में 25 प्रतिशत आरक्षण का पालन कर रहे हैं या नहीं। शीर्ष अदालत ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(सी) की व्याख्या करते हुए यह फैसला दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस कानून को ईमानदारी से लागू करने पर यह सच में बदलाव लाया जा सकता है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि निजी स्कूलों की भी यह समान जिम्मेदारी है कि वे आरटीई एक्ट के तहत अनिवार्य रूप से 25 फीसदी सीटों पर समाज के कमजोर व वंचित समूह के छात्रों को दाखिला दें। पीठ ने कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए द...