कटिहार, दिसम्बर 26 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सीमांचल का प्रवेशद्वार कहे जाने वाला कटिहार जिला अपनी भौगोलिक विविधता, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और बड़ी छात्र आबादी के लिए जाना जाता है। यहां शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी एक बड़ी चुनौती है। बदलते मौसम, घटती हरियाली और बढ़ते प्रदूषण के बीच विद्यालयों को पर्यावरण चेतना का केंद्र बनाने की दिशा में इको क्लब-मिशन फॉर लाइफ को अहम पहल माना जा रहा है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश के अनुसार कटिहार जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में इको क्लब का गठन कर उसकी अधिसूचना भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। राज्य स्तर की समीक्षा में कई विद्यालयों द्वारा अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई गई है।इस संबंध में समग्र शिक्षा के डीपीओ पंकज कुमार...