वाराणसी, फरवरी 7 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। असि नदी को नाला मानने पर एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने नाराजगी जताई है। इस मामले में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा अभियान (एनएमसीजी) से जवाब मांगा है। एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि असि गंगा की सहायक नदी है, नाला नहीं है। विदित हो कि एनजीटी ने असि-वरुणा नदी को अतिक्रमण मुक्त करने और जीर्णोद्धार का आदेश पूर्व में पारित किया था। पांच साल में इसका कायाकल्प होना था लेकिन तीन साल में कुछ नहीं होने पर अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने निष्पादन याचिका दाखिल की थी। याचिका पर एनजीटी के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए.सेंथिल वेल कि खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता पर्यावरण विभाग उत्तर प्रदेश के सचिव के शपथपत्र के पृष्ठ संख्या 2225 का हवाला दे रहे थे। ...