कोच्चि, अक्टूबर 9 -- केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वायनाड में 2024 में आए भूस्खलन के पीड़ितों के प्रति केंद्र ने "लगभग विफलता" दिखाई है। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए इन पीड़ितों के ऋण माफ करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, जो बेहद "दुर्भाग्यपूर्ण" और "हताशाजनक" है। न्यायमूर्ति ए. के. जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति जोबिन सेबेस्टियन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए बैंकों को निर्देश दिया कि वे वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के खिलाफ किसी भी ऋण वसूली कार्रवाई को अगली सुनवाई तक रोक दें। यह जनहित याचिका अदालत ने स्वयं संज्ञान लेकर दायर की थी, ताकि राज्य में आपदा प्रबंधन और रोकथाम की स्थिति में सुधार किया जा सके।'शायलॉक जैसी वसूली पद्धतियां स्वीकार्य नहीं' अदालत ...
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