अलीगढ़, जनवरी 30 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। इस बार होलिका दहन पर लोग असमंजस में हैं। इस वर्ष के पहले चंद्रग्रहण की वजह से लोग भ्रमित हैं कि किस दिन और समय होलिका दहन करना होगा। हालांकि रंगभरी होली तो चार मार्च को ही खेली जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। अगर भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो लेकिन भद्रा मध्य रात से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के बाद जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना उचित रहता है। अगर भद्रा मध्य रात तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। लेकिन भद्रा मुख में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:55 बजे से शुरू होकर...
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