जमशेदपुर, जुलाई 6 -- जमशेदपुर। झारखंड होम गार्ड एक्ट में संशोधन एवं होमगार्ड जवानों को लोक सेवा का दर्जा देने की मांग पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को पत्र भेजा गया। वहीं, राज्यपाल झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव झारखंड डीजीपी होमगार्ड मुख्यालय को भी प्रति भेज कर होमगार्ड सेवा संशोधन की मांग उठाई गई। कमल शर्मा ने बताया कि होमगार्ड अधिनियम 1947 की अनुसार अपने-अपनराज्य मे एक्ट रूल बनाकर संस्था का संचालन किया जा रहा है। झारखंड राज्य गजट में 25 जनवरी 2006 को जारी किया गया है।जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि, भारतीय दंड संहिता धारा 1860 का 45 कि 21 में एक लोक सेवक समझा जाएगा।
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