प्रयागराज, फरवरी 2 -- प्रयागराज, संवाददाता। एसआरएन अस्पताल में हृदय रोग से पीड़ित तीन गंभीर मरीजों को डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। कोरांव के रहने वाला 58 वर्षीय मरीज ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित था। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़फाड़ के 40 मिमी की डिवाइस से हृदय का छेद बंद करने में कामयाबी हासिल की। वहीं फूलपुर की 52 वर्षीय महिला के हृदय में 31 मिमी का छेद था। डॉक्टरों ने उसकी दाहिनी जांघ की मोटी नस के जरिए 38 मिमी की डिवाइस से बिना चीड़फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष सिंह के अनुसार जारी के रहने वाले 25 वर्षीय युवक को सांस फूलने और दिल की धड़कन की परेशानी। जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गंभीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई। जिससे उसके हृदय का बायां वाल्व ...
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