संभल, नवम्बर 27 -- जहां एक ओर समाज में बेटियों को आगे बढ़ाने की बातें महज भाषणों तक सीमित रह जाती हैं, वहीं शहर के मोहल्ला ठेर की सविता गर्ग, जिन्हें सब सविता दीदी के नाम से जानते हैं, पिछले तीन दशकों से चुपचाप समाज में बड़ा बदलाव ला रही हैं। उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के, अपने प्रयासों से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया और सफल भी रहीं। सालों पहले जब सविता दीदी ने अपने घर के एक छोटे से कमरे में कुछ बालिकाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाने की शुरुआत की, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह पहल एक दिन हजारों बेटियों को हुनरमंद बना देंगी, लेकिन सविता दीदी का सपना था। हर बेटी के हाथ में हुनर हो, और मन में आत्मविश्वास। समय के साथ उन्होंने ब्यूटीशियन, कुकिंग, हस्तशिल्प जैसी अन्य ट्रेनिंग भी शुरू कीं। आज उनके गायत्री शक्ति केंद्र में बेटियो...
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