मधुबनी, अगस्त 12 -- मधेपुर, निज संवाददाता। मधेपुर प्रखंड के करहारा गांव नेपाल से भटककर आई हिरण 'मधुमंती' को वृद्ध किसान ने जब सोमवार शाम वन विभाग के अधिकारी को सौंपा तो उनकी आंखें छलछला गई। हालांकि, उनके चेहरे पर सुकून के भी भाव भी दिख रहे थे कि अब हिरण पुनः उस जगह पहुंच जाएगी जहां उनके लिए अनुकूल जगह है। आखिर, किसान निरंजन राय को तकलीफ होना भी लाजिमी था। करीब दस महीने तक वो भटककर आयी हिरण की तीमारदारी व पाल-पोष कर बड़ा किये थे। हिरण भी किसान के वात्सल्य स्नेह, प्रेम व ममता पाकर परिवार के साथ घुल-मिल गई थीं। मगर हिरण का जीवन दस महीने से कैद की तरह था। हुआ यूं कि वर्ष 2024 की सितंबर अंतिम सप्ताह में मधेपुर प्रखंड के कोसी व भुतही बलान नदी प्रभावित कोसी तटबंध के अंदर भीषण बाढ़ आयी थी। ऐसी आशंका है कि उसी बाढ़ के दौरान नेपाल से बहकर या भटककर एक ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.