नई दिल्ली, अगस्त 20 -- पंकज चतुर्वेदी ,वरिष्ठ पत्रकार स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिसौती गांव में बादल फटने की घटना से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मचेल गांव में अभी भी सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। कुल्लू और मंडी में 19 अगस्त को दोबारा बादल फटने से भारी तबाही हुई। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल ही नहीं, हिमालय की गोद में बसा समूचा हिन्दुस्तान चरम मौसमी घटनाओं में वृद्धि के कारण हैरान-परेशान है। खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में बादल फटना एक बड़ी विपदा के रूप में उभर रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही इन घटनाओं का पूर्वानुमान भी मुश्किल है। हिमाचल प्रदेश में बीते एक हफ्ते के दौरान छह जगह बादल फटने से तबाही आई। उत्तराखंड में धराली त्रासदी के लिए फिलहाल भले ही बादल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.