शिमला, जुलाई 27 -- हिमाचल प्रदेश में हाल ही में दो भाइयों की एक ही दुल्हन से शादी ने पहाड़ की सदियों पुरानी एक प्रथा को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया। लोग इस'बहुपति प्रथा' के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं जिसका अस्तित्व आज भी तिब्बत से लेकर हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हट्टी जनजाति के बीच मौजूद है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस परमार ने 1975 में इस प्रथा पर एक किताब भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने विस्तार से इसके कारणों और तौर-तरीकों को समझाया है। वाईएस परमार ने इसी विषय पर पीएचडी भी की थी और बाद में उन्होंने अपनी किताब 'पॉलीएंड्री इन द हिमालयाज' (हिमालय में बहुपति प्रथा) में इस तरह की शादियों के हर पहलू से रूबरू कराया है। परमार ने इस किताब में बताया है कि बहुपति प्रथा आमतौर पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.