अलीगढ़, जनवरी 15 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। केस-1 75 वर्षीय सासनीगेट निवासी मोहम्मद सलीम ने बीते दिनों लाइसेंसी असलाह प्रशासन को सरेंडर कर दिया। परिवार में अब उनके बच्चे उनकी बंदूक नहीं रखना चाहते हैं। केस-2 69 वर्षीय रामघाट रोड निवासी संतोष कुमार ने दोनाली बंदूक का लाइसेंस सरेंडर कर दिया। वजह कि उनके परिवार में भी कोई बंदूक नहीं रखना चाहता है। केस-3 67 वर्षीय इगलास निवासी अमित कुमार बंदूक का लाइसेंस सरेंडर कर चुके हैं। वजह, बच्चे बंदूक नहीं रखना चाहते हैं। लाइसेंसी बंदूक को सरेंडर करने के यह चंद ही उदाहरण हैं। कलक्ट्रेट में बंदूक जमा कराने के रोजाना आठ-दस आवेदन पहुंच रहे हैं। वजह है कि दादाजी की दोनाली पोते को चाहिए नहीं। बेटो-पोतों को चाहिए रिवाल्वर, पिस्टल और बंदूक के लाइसेंस पर इस तरह के असलाह चढ़ नहीं सकते हैं। एक समय हुआ करता था क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.