अररिया, सितम्बर 12 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता हिंसा की आग में नेपाल धधकता रहा है। ताजा घटना ने तो पूरे नेपाल अधिराज की चूलें हिला दी है। मगर 25 वर्षों के दौरान पांच बड़े जन आंदोलन का गवाह नेपाल की धरती रहा है। कभी मधेश आंदोलन तो कभी संघीय शासन व्यवस्था तो कभी राजा ज्ञानेंद्र के खिलाफ आंदोलन होता रहा है। ताजा घटना में करीब 20 से अधिक जिले प्रभावित हुए हैं। 30 से 31 मौतें 1033 घायल तथा 28 पुलिस कर्मियों के घायल का भी आंकड़ा तैर रहा है। सरकारी संपत्तियों का खूब नुकसान हुआ है। इनमें सरकारी इमारतें ,संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट ,मंत्रियों के आवास, होटल, पुलिस स्टेशन, जेल में तोड़ फोड़ आदि घटनाएं प्रमुख हैं। मगर यह कोई पहली घटना नहीं है जब नेपाल अधिराज्य की जमीन हिली है। मार्च 2007 में भी अंतरिम सरकार में सांसदों की संख्या तथा संघीय शासन व्यवस्था को ले...
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