सहारनपुर, जनवरी 31 -- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने रोष व्यक्त किया। कहा कि इस तरह की बयानबाजी खुलेतौर पर हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाली और देश के लोकतांत्रिक, सांविधानिक ढांचे पर सीधा हमला है। मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि किसी विशेष समुदाय को भयभीत करना, उसके मताधिकार को छीनने की धमकी देना और उसके खिलाफ आर्थिक शोषण को प्रोत्साहित करना खुले फासीवाद और सामूहिक दंड की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच किसी भी सभ्य, लोकतांत्रिक और सांविधानिक व्यवस्था में पूरी तरह अस्वीकार्य है। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इन बयानों को मात्र राजनीतिक बयानबाजी या चुनावी रणनीति मानकर नजरअंदाज करना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों से समझौता करने के समान होगा। मौल...