सहारनपुर, फरवरी 1 -- कस्बे में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में वक्ताओं ने हिंदू एकता, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। सम्मेलन में कहा गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बड़ा मानव सेवा का उदाहरण कोई नहीं है और संघ किसी भी पूजा पद्धति का विरोधी नहीं है, लेकिन भारत माता को अपमानित करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित सम्मेलन में शंकरमठ कल्याणपुर, रुड़की के पीठाधीश्वर स्वामी दिनेशानन्द महाराज ने कहा कि हिंदू धर्मशास्त्र में 'दलित' शब्द नहीं है। यह शब्द मुगलों, अंग्रेजों और बाद में संविधान के माध्यम से प्रचलन में आया। उन्होंने कहा कि किसी भी महापुरुष ने जाति भेदभाव नहीं किया। रामराज्य की परिकल्पना में सभी समान थे और भगवान श्रीराम ने अपने राजतिलक में निषादराज व वानरराज सहित सभी वर्...