चतरा, जुलाई 21 -- प्रतापपुर, प्रतिनिधि। चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड के हिंदीयकला गांव का बिरहोर टोला, जो पहाड़ों और घने जंगलों की गोद में बसा है, एक बार फिर अंधेरे में डूब गया है। लगभग दो साल पहले जिला प्रशासन के पहल पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गयी थी, जो खराब हो चुकी हैं। जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण शाम ढलते ही यह बिरहोर टोला पूरी तरह से अंधेरे में समा जाता है। इसी वजह से ग्रामीण, खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग, अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय निवासी स्वाति देवी ने बताया हम बाल बच्चों को लेकर अंधेरे में रात काटते हैं, सांप-बिच्छू के काटने से पहले भी कई बच्चों की जान चली गई है। अंधेरे में उन्हें सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले कीड़ों का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का कहना है ...
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