नई दिल्ली, फरवरी 19 -- भीड़ में खड़े हर सफल चेहरे की कहानी सीधी नहीं होती। कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो बाहर से चमकती दिखती हैं, लेकिन भीतर संघर्ष, टूटन और खुद को दोबारा गढ़ने की लंबी यात्रा छिपी होती है। मनुज जिंदल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज वह एक सफल आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने से पहले उन्होंने असफलता, मानसिक दबाव और जीवन की दिशा बदल देने वाले फैसलों का सामना किया। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जन्मे मनुज बचपन से ही पढ़ाई में तेज और अनुशासित थे। उनमें देशसेवा का भाव बहुत जल्दी विकसित हो गया था। यही सपना उन्हें देश की प्रतिष्ठित सैन्य संस्था National Defence Academy यानी एनडीए तक ले गया। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने एनडीए परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की। यह उपलब्धि किसी भी युवा के लिए गर्व का क्षण होती है और ...