नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को वर्ष 2002 के नीतीश कटारा हत्याकांड में 25 साल की जेल की सजा काट रहे दोषी विकास यादव की अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने कहा कि यादव दोषी है। केवल पैरोल या फर्लो का हकदार है। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत अपनी असाधारण शक्ति का प्रयोग करते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत दी, लेकिन हाईकोर्ट के पास ऐसी शक्ति उपलब्ध नहीं है। 54 वर्षीय यादव (जिन्होंने 23 साल से ज्यादा जेल में बिताए हैं) ने इस आधार पर भी अंतरिम जमानत मांगी कि उनकी शादी 5 सितंबर को तय थी। उन्हें 54 लाख रुपये का इंतजाम करना है, जो सजा सुनाए जाने के समय उन पर लगाया गया जुर्माना था। यादव उत्तर प्रदेश के राजनेता डी. पी. यादव के बेटे हैं। उनके चचेरे भ...
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