नई दिल्ली, फरवरी 21 -- पुनर्विचार याचिका के समय की छोटी अवधि को जरूरी बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को अपने पहले के फैसले को फिर से खोलने से मना कर दिया। इस आदेश में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय से जुड़ी कार्रवाई को केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की कोलकाता पीठ से नई दिल्ली में प्रिंसिपल पीठ में स्थानान्तरित करने को सही ठहराया गया है। न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि पुनर्विचार याचिका को छिपी हुई अपील नहीं माना जा सकता। पीठ सिर्फ इसलिए नतीजों पर दोबारा विचार नहीं कर सकती क्योंकि कोई पार्टी पहले से जांची गई दलीलों पर दोबारा विचार करना चाहती है। पीठ ने कहा कि पुनर्विचार कार्रवाई में दखल तभी दिया जा सकता है जब रिकॉर्ड में कोई गलती हो, जो इस मामले में नहीं थी। याचिकाकर्ता ने ह...