नई दिल्ली, जनवरी 7 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी में ई-रिक्शा संचालन को लेकर गंभीर रुख अपनाते हुए बुधवार को दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एमसीडी से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ मनीष पाराशर द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन को आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, पिछले वर्ष एक सड़क दुर्घटना में उनकी आठ वर्षीय बेटी की मौत हो गई थी। बच्ची ई-रिक्शा से स्कूल जा रही थी, तभी तेज रफ्तार ई-रिक्शा पलट गया। याचिका में कहा गया कि संबंधित ई-रिक्शा का न तो बीमा था और न ही वह वैध रूप से उस सड़क पर चलने की अनुमति रखता था। पीठ ने सभी संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर ई-रिक्शा सं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.