रांची, फरवरी 5 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत अमन सिंह उर्फ अमन शेखर की निवारक नजरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि नजरबंदी आदेश कानून के अनुरूप है और इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा जेल प्रशासन पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। कोर्ट ने माना कि आरोपी की गतिविधियां असामाजिक तत्व की श्रेणी में आती हैं और पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा जारी नजरबंदी आदेश पूरी तरह वैध एवं न्यायसंगत है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार अमन सिंह पर हत्या के प्रयास, चोरी, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे लगातार आपराधिक गति...