नई दिल्ली, जनवरी 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में दर्ज कुछ प्राथमिकियां अमान्य घोषित कर दी थीं। शीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करवाने की 'अनावश्यक जहमत' उठाई। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने हाईकोर्ट के दृष्टिकोण को 'न्याय का उपहास' करार दिया। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट इन मामलों में दर्ज प्राथमिकी या लंबित जांच को चुनौती देने वाली किसी भी नई याचिका पर अब सुनवाई नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने यह कदम केवल प्राथमिकी दर्ज करने वाले थाने के क्षेत्राधिकार के मुद्दे पर उठाया। शीर्ष अदालत ने राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और अन्य की अपील पर अपना यह फैसला सुनाया। अपीलकर्ताओं ने हाईक...