रामपुर, अक्टूबर 31 -- रामपुर। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए हमले का चर्चित केस समाजवादी पार्टी की सरकार वापस लेना चाहती थी। जिस पर प्रदेशभर में सरकार की किरकिरी हुई थी। इतना ही नहीं हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद अखिलेश सरकार इस केस को लेकर बैकफुट पर आई और लिखकर दिया कि केस वापसी की कोई मंशा नहीं है। अखिलेश सरकार में गृह विभाग के तत्कालीन विशेष सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से डीएम को पत्र लिखकर विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी। सरकार इस केस को वापस लेना चाहती थी। जब यह खबर मीडिया की सुर्खियों में आई तो इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि सात जवानों की शहादत का माखौल उड़ाया जा रहा है। प्रदेश सरकार आतंकियों का केस वापस लेगी तो क्या सेना मनोबल नहीं टूटेगा। इस पर हाईकोर्ट ने तत्कालीन अखिलेश ...
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