मुजफ्फरपुर, जुलाई 11 -- मुजफ्फरपुर, अनामिका। हाइवे और सड़क किनारे के स्कूल सुरक्षित नहीं बन सके हैं। सड़क हादसों में बच्चों की बढ़ती मौत को रोकने के लिए स्कूल जोन सेफ्टी प्रोग्राम बना था। बिहार समेत पांच राज्यों में पायलट आधार पर इसकी शुरुआत की गई। इसमें दी गई गाइडलाइन का कितना पालन हुआ, इसको लेकर ऑडिट कराया गया। इसमें सामने आया कि सूबे के स्कूलों में अभियान के तहत सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। सौ अंक निर्धारित किया गया था, लेकिन अधिकांश स्कूलों को 10-12 अंक ही मिले। कुछ स्कूलों को 40-45 अंक आये हैं। इस अभियान के तहत स्कूलों के पास सुरक्षा चिह्न, घेरा आदि बनाया जाना था। इसके साथ ही बच्चों को जागरूक भी करना था। राज्य परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े ने सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ को कहा है कि ऑडिट के बाद सामने आया कि अभी बच्चों को सड़क सुरक्षा को...
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