हापुड़, मई 23 -- कछुओं को धर्म और ज्योतिष के अनुसार भी अच्छा माना जाता है जिसको लोग घरों में भी पालते हैं। इसके अलावा कछुओं की तस्करी के चलते कछुओं की प्रजाति कम होती जा रही थी। नदियों के किनारे अवैध खनन होने से कछुआ प्रजनन कम होता जा रहा था। परंतु गुजरे दो साल से गंगा किनारे के किसानों के जागरुक होने तथा ब्रजघाट से नरौरा के बीच रेत खनन न होने से कछुओं का कुनबा बढ़ता जा रहा है। विश्वभर में कछुओं की घटती संख्या को देखते हुए लोगों में इनके संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए प्रतिवर्ष विश्व कछुआ दिवस मनाया जाने लगा। 23 मई को पूरा विश्व मिलकर इस दिन को मनाता है। कछुआ एक ऐसा जानवर है, जिसे कई सारे लोग शुभ मानते हैं और उनकी कई प्रजातियों को घर पर भी रखा जा सकता है। बाजारों में महंगे- महंगे भावों में भी कछुओं की बिक्री होती है। इस साल 70...
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