सीवान, जनवरी 19 -- शहर और ग्रामीण इलाकों में कुत्तों और बंदरों की बेतहाशा बढ़ती संख्या ने लोगों के लिए खतरा बन गई है। खासकर आक्रामक कुत्तों द्वारा कई बार लोगों के पालतू मवेशियों और लोगों को काटने की शिकायत बढ़ा दी है। उन आवारा कुत्तों से कई लोग घायल भी हुए हैं। सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया है। बंदरों का जमावड़ा लोगों के लिए बेहद परेशानी का सबब है। इसके साथ ही गली-गली में डेरा बनाए आवारा कुत्तों ने लोगों का जीना दूभर कर रखा है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई ऐसी नहीं हुई है जिससे समस्या का स्थायी समाधान हो सके। शहर व ग्रामीण इलाकों में कुत्तों का बढ़ रहा कुनबा लोगों के जी का जंजाल बन रहा है। कभी कुत्ते को वफादार मानने वाले लोग अब आक्रामक होते जा रहे कुत्तों से परेशान हैं। दरअसल विगत वर्ष ही सिसवन व हसनपुरा ...