कानपुर, अक्टूबर 24 -- कानपुर। हवा में घुला जहर धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन अभी भी स्थितियां प्रतिकूल हैं। धूल धुआं के साथ हानिकारक गैसों की मात्रा भी सामान्य नहीं हो पाई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 191 रहा लेकिन धूल धुएं के अधिकतम कणों का द्रव्यमान 400 माइक्रोन प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। मौसम में आए बदलाव और आतिशबाजी के कारण हवा की सेहत बिगड़ गई है। अक्टूबर के पहले नौ दिन बेहद स्वस्थ (डार्क ग्रीन व ग्रीन श्रेणी) में रही हवा 10 से 17 अक्तूबर तक यलो श्रेणी यानी सांस न लेने लायक स्थितियों में पहुंच गई। इसके बाद से अब तक यह ऑरेंज श्रेणी में बनी हुई है। 201 से अधिक एक्यूआई आने पर हवा की सेहत खतरनाक मानी जाती है। 17 अक्तूबर के बाद शुक्रवार को पहली बार यह 200 के नीचे दर्ज की गई है। ...
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