मुरादाबाद, दिसम्बर 15 -- मुरादाबाद। सूर्य नगर में पीपल वाले मंदिर के पास चल रही श्रीमद्भागवत कथा को सोमवार को विश्राम दिया गया। अंतिम दिन कथा व्यास कृष्ण कांत शास्त्री ने सुदामा चरित का वर्णन किया। उन्होंने बताया सुदामा और कृष्ण का मित्रता निस्वार्थ थी। उसमे अमीरी गरीबी आदि का भी कोई फर्क नहीं था। वास्तव में निस्वार्थ मित्रता ही होनी चाहिए। यही लंबे समय चलती और स्थायी होती है। इसके बाद हवन और फिर भंडारा किया गया। अंत में सभी ने पुष्प वर्षा कर कथा व्यास को विदाई दी। व्यवस्था में रचना शर्मा, पल्लवी,सुमन, डॉली, सुशील तोमर,राजेंद्र गुप्ता, सीनू,बबली लक्ष्मी, शुक्लानी, मीना,ममता आदि का सहयोग रहा।

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