गाजीपुर, फरवरी 14 -- खानपुर, हिन्दुस्तान संवाद। भुजेहुआं शिव मंदिर पर बाबा को हल्दी लगाकर और मंगल गीत गाया गया। इस पुनीत बेला पर पहिरे ला मुंडन क माला मगर दुल्हा लजाला..''दुल्हा के देहीं से भस्मी छोड़ावा सखी हरदी लगावा ना...शिव दुल्हा के माथे पर सोहे चनरमा..।' एक तरफ मंगल गीतों का गान हो रहा था दूसरी तरफ बाबा को हल्दी लगाई जा रही थी। ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक के बीच मंगल गीत गाए गए। समाजसेविका रामा सिंह के परिवार की ओर से भेजी गई हल्दी लगाते समय गवनहारिनों की टोली भगवान की स्वर सेवा करती रहीं। 'अड़भंगी क चोला उतार शिव दुलहा बना जिम्मेदार', और 'भोले के हरदी लगावा देहिया सुंदर बनावा सखी.आदि से दूल्हे की खूबियों का बखान किया गया। शिव का सेहरा और पार्वती की मौरी कैसे तैयार की जा रही है। हल्दी की रस्म के बाद नजर उतारने के लिए 'साठी क चाऊर च...