हजारीबाग, जनवरी 31 -- हजारीबाग की कामकाजी महिलाएं आज शहर की पहचान बन चुकी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, सेवा और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में सक्रिय ये महिलाएं अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से न सिर्फ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि परिवार और समाज दोनों की धुरी भी बनी हुई हैं। घर-ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी निभाने वाली ये महिलाएं शहर की बुनियादी समस्याओं से रोज जूझती हैं । हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम में कामकाजी महिलाओं ने सड़कों, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, परिवहन व सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाला नेतृत्व चाहिए। हजारीबाग। नगर निगम चुनाव को लेकर इस बार शहर की वर्किंग वीमेन और आत्मनिर्भर महिलाएं खुलकर अपनी बात रख रही हैं। ये महिलाएं नौकरीपेशा हैं, स्वरोजगार से जुड़ी हैं और अपन...
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