बुलंदशहर, जनवरी 7 -- बुलंदशहर। जिलों में हर महीने औसतन करीब 12 हजार लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को आवारा और पालतू कुत्ते लोगों को शिकार बना रहे हैं। यह आंकड़ा स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है, क्योंकि कुत्ते के काटने की हर घटना में समय पर इलाज न मिलने पर रेबीज जैसी घातक बीमारी का खतरा बना रहता है। ऐसे में सभी प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल इलाज की जरूरत होती है। जिले के सरकारी अस्पतालों में रोजाना 300 से 350 को कुत्ते काटे के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। अकेले जिला अस्पताल की बात करें तो यहां रोजाना 200 तक कुत्ते काटे के घायल लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में एआरवी लगवाने वालों का स्वास्थ्य विभाग के पास को डाटा नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने के उपचार में दो मुख्य टीक...